पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में जाम से राहत के लिए आज से वन-वे ट्रैफिक प्लान लागू

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चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में लगातार बढ़ती यातायात समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने नया ट्रैफिक प्लान लागू करने का निर्णय लिया है। वीरवार से हाईकोर्ट में वाहनों की आवाजाही के लिए वन वे व्यवस्था शुरू होगी। इस व्यवस्था के तहत अब वाहनों की एंट्री केवल रॉक गार्डन की ओर से होगा, जबकि एग्जिट केवल सचिवालय/ओल्ड बैरिकेडिंग वाली दिशा से ही की जाएगी। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने बताया कि यह योजना ट्रैफिक पुलिस के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है। अक्सर परिसर में गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती थीं और लोगों को एंट्री या एग्जिट में आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक इंतजार करना पड़ता था। नई व्यवस्था से इस समस्या को काफी हद तक कम करने की उम्मीद है।

 

 

 

रॉक गार्डन के पास स्थित कच्चे पार्किंग क्षेत्र का उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा। इसके अलावा मल्टीलेवल और अन्य निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। गेट नंबर-1 और गेट नंबर-4 के पास बने नियमित प्वाइंट्स पर ही बैग और फाइलें ऑफलोड की जा सकेंगी। ल्टीलेवल पार्किंग से आगे मेन बिल्डिंग की ओर जाने की अनुमति केवल एडवोकेट्स, उनके स्टाफ और हाईकोर्ट कर्मचारियों के वाहनों को ही दी जाएगी। अन्य विजिटर्स के वाहनों को सचिवालय की ओर मोड़ दिया जाएगा। वहीं, दोपहिया वाहनों के लिए भी पोस्ट ऑफिस के पास सहित तय किए गए स्थानों पर ही पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

 

 

 

 

 

सब्जी मंडी पर हाईकोर्ट की सख्ती

 

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को यूटी प्रशासन से पूछा कि आखिर सेक्टर-26 सब्जी मंडी में बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं दी गईं। यह मंडी लंबे समय से गंदगी, भीड़भाड़ और खराब पहुंच मार्ग जैसी समस्याओं से घिरी है। अदालत ने साफ कहा कि सेक्टर-39 में प्रस्तावित नई मंडी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का मतलब यह नहीं है कि प्रशासन मौजूदा मंडी को यूं ही बदहाल हालत में छोड़ दे। चीफ जस्टिस शील नागू ने प्रशासन को तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या आपने देखा है वहां कैसी गंदगी है। वहां कदम रखना भी मुश्किल है। अदालत ने सवाल किया कि क्या लोगों के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई है ताकि बरसात में कीचड़ और गंदगी से राहत मिल सके। यूटी की ओर से बताया गया कि सफाई और रखरखाव का जिम्मा एक ठेकेदार को सौंपा गया है, जिसके खिलाफ कई बार जुर्माना लगाया गया। अगस्त में अवैध ढांचों को गिराने की कार्रवाई भी हुई है। नई सफाई व सुरक्षा एजेंसियों को नियुक्त किया गया है। इसके बावजूद अदालत संतुष्ट नहीं हुई और शुक्रवार तक सुधारों की तस्वीरें व रिकार्ड पेश करने के आदेश दिए। करीब दो दशक से मंडी को सेक्टर-39 में शिफ्ट करने पर चर्चा चल रही है, लेकिन कानूनी अड़चनें इसे अटका रही हैं।

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