मेट्रो चंडीगढ़ के लिए फायदेमंद नहीं: प्रशासक गुलाबचंद कटारिया की राय, अंबाला-राजपुरा जैसे शहरों को जोड़ना होगा

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पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सिर्फ चंडीगढ़ या ट्राइसिटी के लिए मेट्रो फायदेमंद साबित नहीं होगी। जब तक चंडीगढ़ के पड़ोसी राज्यों के बड़े शहरों जैसे डेराबस्सी, अंबाला, राजपुरा व अन्य शहरों को इससे नहीं जोड़ा जाता है। जयपुर में भी मेट्रो शुरू की गई थी, जमीनी हकीकत ये है कि जितना खर्च किया गया, उसका ब्याज भी नहीं आ पा रहा है।

कटारिया ने कहा कि हेरिटेज और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए मेट्रो के लिए हम पूरे शहर को नहीं खोद सकते। मैंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से बात की थी, उन्हें यह सुझाव दिया कि चंडीगढ़ के पड़ोसी राज्यों के बड़े शहरों को जोड़ते हुए चंडीगढ़ तक मेट्रो लाई जा सकती है। यहां मेट्रो का पिक एंड ड्रॉप पाॅइंट बनाया जा सकता है। अकेले चंडीगढ़ या ट्राइसिटी में मेट्रो से ज्यादा लाभ नहीं होगा। यह बातें पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वीरवार को सेक्टर-27 में प्रेसवार्ता के दौरान कहीं।

प्रशासक ने मेट्रो प्रोजेक्ट पर कहा कि जितना खर्च इस पर आएगा, उतने में निशुल्क बस सेवा मुहैया कराई जा सकती है। इस दौरान प्रशासक ने कहा कि वह नए सत्र से शहर के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें मुहैया कराएंगे।

इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुए हादसे पर पूछे सवाल के जवाब में प्रशासक कटारिया ने कहा कि शहर में अंडरग्राउंड पुरानी पानी की पाइप लाइनों की पहचान कर उन्हें बदला जाएगा। इसके लिए इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिए हैं। अब ऐसी तकनीक उपलब्ध है जिसके जरिये अंडरग्राउंड पानी की पाइपलाइन में लीकेज या खराब हो चुकी पाइप लाइनों की पहचान की जा सकती है।

प्रशासक ने सार्वजनिक तौर पर यह भी स्पष्ट कर दिया कि शहर को 24 घंटे पानी की जरूरत नहीं है। सुबह और शाम के समय पानी की जो सप्लाई दी जाती है वह शहरवासियों के लिए पर्याप्त है। मालिकाना हक, लाल डोरा और शेयर वाइज रजिस्टरी पर प्रशासक ने कहा कि अभी इन मामलों को सुलझाने में समय लगेगा।
प्रशासक ने एक सवाल पर कहा कि देश में दल बदल कानून को लेकर मांग सामने आ रही है। दल बदल कानून होना चाहिए। इसे निचले स्तर पर संवैधानिक तौर पर लागू किया जा सकता है। प्रशासक ने अपनी राय देते हुए कहा कि मनोनीत पार्षदों को वोटिंग राइट नहीं होना चाहिए। चुने हुए पार्षदों के पास ही यह अधिकार रहना चाहिए। मनोनीत पार्षदों की संख्या 10 फीसद से अधिक नहीं होना चाहिए।
प्रशासक ने कहा कि मेयर का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए, वह इसके समर्थन में है। मेयर का कार्यकाल ढाई या पांच साल हो, इन सभी बिंदुओं पर प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजा जाएगा। वह खुद इस प्रस्ताव पर आने वाले दिनों में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।
चंडीगढ़ में यूटी कैडर के एसएसपी लगाए जाने की चर्चा पर भी प्रशासक ने विराम लगाया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में पंजाब कैडर का एसएसपी होता है, यही व्यवस्था रहेगी। चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा के अफसरों का 60:40 के अनुपात का पूरी तरह पालन होता है। कई बार केंद्र के आदेश पर अधिकारियों को इधर से उधर किया जाता है। प्रशासन के तहत 25 हजार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के लिए जल्द ही पंजाब और हरियाणा में जो पॉलिसी है, उसको स्टडी कर नौकरी सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाने को लेकर पॉलिसी बनाई जाएगी।
चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने लगे हाथ शहरवासियों से एक अपील भी की। उन्होंने कहा कि शहरवासी अपनी समस्याएं लेकर उनके पास कभी भी आ सकते हैं लेकिन फोटो खिंचवाने या गुलदस्ता लेकर आना ठीक नहीं है।

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