पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, आतंकी रिंदा से जुड़े 3 लोग गिरफ्तार
पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान (Pakistan) से भेजे गए 4 ग्रेनेड समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें आर्मी में कमांडों रह चुके धमेंद्र को भी गिरफ्तार किया गया है।
गुरदासपुर (Gurdaspur) जिले के बटाला (Batala) का रहने वाला धर्मेंद्र चार साल तक जेल में रह चुका है और हाल ही में जेल से बाहर आया है। पंजाब (Punjab) पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक पुलिस का यह ऑपरेशन अमृतसर सेक्टर के सीमांत इलाके में जारी है।
बताया जा रहा हैं कि पुलिस को आरोपियों से ग्रेनेड के अलावा IED और हथियार बरामद होने की संभावना है। पुलिस पकड़े गए लोगों से गहन पूछताछ कर रही है। इससे बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आशंका है कि यह हथियार आगे सप्लाई किए जाने थे और दीपावली से पहले बड़ी वारदात को अंजाम दिया जाना था।
सूत्र बता रहे हैं कि इसके लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन बब्बर खालसा के हरविंदर रिंदा ने अपने आतंकियों को टारगेट देना था। फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है।
हरविंदर रिंदा पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला है। 11 साल की उम्र में, रिंदा अपने परिवार के साथ महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब चला गया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रिंदा ने 18 साल की उम्र अपने रिश्तेदार का कत्ल कर जुर्म की दुनिया में पैर रखा।
हरविंदर रिंदा 18 साल का होने पर पंजाब लौटा और पारिवारिक संपत्ति विवाद में अपने ही रिश्तेदार का कत्ल कर दिया। इसके बाद वह नांदेड़ भाग गया और वहां फिरौती व स्मगलिंग में इन्वॉल्व हो गया। कई वारदातों में नाम आने पर महाराष्ट्र पुलिस ने रिंदा पर शिकंजा कस दिया।
भारत से 5 साल पहले नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भागे आतंकी हरविंदर रिंदा ने ही बॉर्डर पार से इंडिया में नार्को टेरेरिज्म की शुरुआत की। इसमें उसका साथ दिया पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने।
रिंदा का जन्म पंजाब के सरहदी जिले तरनतारन में ही हुआ था इसलिए उसे इस पूरे इलाके की अच्छी जानकारी थी। क्राइम की दुनिया से जुड़े रहे रिंदा ने बॉर्डर से लगते एरिया में अलग-अलग मॉड्यूल खड़े किए और उनके जरिये सरहद पार से ड्रोन के जरिये हथियारों और ड्रग की सप्लाई शुरू की।
