मोहाली में बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़, ‘म्यूल खातों’ से चीन में भेज रहे थे पैसे; तीन जालसाज गिरफ्तार

0

पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने साइबर धोखाधड़ी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी फंडों की रूटिंग, लेयरिंग और सेटलमेंट के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग कर रहा था।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि म्यूल खाता वह बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग अपराधी बिना खाता धारक की जानकारी के या उसकी मिलीभगत से गैर-कानूनी फंड प्राप्त करने, ट्रांसफर करने या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए उपयोग करते हैं।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरजीत सिंह, रमन राय और सुखदेव सिंह के रूप में हुई है। ये सभी फाजिल्का के जलालाबाद के निवासी हैं और वर्तमान में मोहाली के फेज-5 में किराये के कमरे में ‘ब्रदर ट्रेडर्स’ के नाम से चालू बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी कर रहे थे।

पुलिस ने गिरोह से जुड़े बैंक खातों में पड़े लगभग 20 लाख रुपये जब्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, 23 एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, जाली बैंक/केवाईसी दस्तावेज, 14 चेक बुकें, उद्यम सर्टिफिकेट, छह टिकटें और 5100 अमेरिकी डालर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी बरामद की गई है।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि आरोपित पिछले दो वर्षों से ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में संलग्न थे और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से लगभग 50 लाख रुपये का कमीशन कमा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ये बैंक खाते जाली दस्तावेजों से खोले गए थे।

स्पेशल डीजीपी साइबर क्राइम वी नीरजा ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर अपराधों को रोकने के लिए चलाए जा रहे आपरेशनों के तहत की गई है। जांच से पता चला है कि आरोपित टेलीग्राम के माध्यम से सीधे चीनी नागरिकों से जुड़े हुए थे और उन्हें बैंक खाते प्रदान करके यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में मुनाफा कमा रहे थे।

स्पेशल डीजीपी, साइबर क्राइम वी नीरजा बताया कि बैंक खाते फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए थे और जांच से बचने के लिए आरोपितों ने मोहाली में एक किराये के कमरे में फर्जी कारोबार सेट किया हुआ था। समय-समय पर होर्डिंग्स भी बदलते रहते थे। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट की धारा 66डी के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

RAGA NEWS ZONE Join Channel Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *