160 करोड़ के गबन मामले में बड़ा एक्शन, सरेंडर के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के VP पुष्पेंद्र से पूछताछ शुरू

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 पंचकूला नगर निगम से जुड़े करीब 160 करोड़ रुपये के एफडी (एफडी) गबन मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के समक्ष कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस प्रेसिडेंट पुष्पेंद्र ने बुधवार को आत्मसमर्पण कर दिया।

आरोप है कि पुष्पेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर नगर निगम पंचकूला की लगभग 160 करोड़ रुपये की एफडी को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा दिया। इसके बाद इस रकम को अलग-अलग बिल्डरों और अन्य लोगों को ऊंचे ब्याज पर उधार दिया गया।

बताया जा रहा है कि वह 3 से 5 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था। समय पर भुगतान न करने वालों को कथित तौर पर पुलिस का दबाव दिखाकर डराने के आरोप भी सामने आए हैं।

इस मामले की जांच में एसीबी ने पहले कई अहम गिरफ्तारियां कीं:

कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप राघव

रजत धारा, जिसके खाते में करीब 70 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए

नगर निगम के पूर्व सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक

राजपुरा से एक अन्य आरोपी, जिसके खाते में लगभग 3 करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन

दो दिन पहले स्वाति तोमर ने भी आत्मसमर्पण किया था। वह पेशे से बायोलॉजी की शिक्षिका हैं। आरोप है कि वर्ष 2020 में रजत धारा और पुष्पेंद्र ने उन्हें झांसे में लेकर उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए, जिनमें करीब 35 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया।

अब पुष्पेंद्र के आत्मसमर्पण के बाद ACB उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और गबन में शामिल अन्य लोगों की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी। यह मामला पंचकूला के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसमें बैंकिंग सिस्टम और नगर निगम के भीतर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।

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