चंडीगढ़: पीयू में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज; माहौल तनावपूर्ण, सिख इतिहास के लेक्चर में RSS के पदाधिकारी का विरोध
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्रों ने सिख इतिहास पर प्रस्तावित एक लेक्चर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े पदाधिकारी को मुख्यातिथि बनाए जाने का विरोध किया।
पुलिस ने छात्रों को खदेड़ा। कई छात्रों को चोटें भी आई हैं। वहीं, हिरासत में लिए छात्रों ने पगड़ी उतारे जाने का विरोध जताया। छात्रों को सेक्टर-11 के थाने ले गया।
छात्रों का कहना है कि सिख इतिहास से जुड़े कार्यक्रम में आरएसएस से जुड़े व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाना उचित नहीं है। छात्र संगठनों ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में सिख इतिहास के विशेषज्ञ शिक्षाविदों को शामिल किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में भाजपा के संसदीय बोर्ड सदस्य और पूर्व राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होना था। आरएसएस के उत्तर क्षेत्रीय प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह राणा को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
छात्र संगठनों ने 2004 में अकाल तख्त द्वारा जारी हुक्मनामे का हवाला देते हुए कहा कि इसमें सिख धार्मिक मामलों में आरएसएस की भागीदारी के खिलाफ सलाह दी गई थी। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को यह निर्देश भी साझा करते हुए कार्यक्रम के स्वरूप में बदलाव की मांग की है।
इस मामले को लेकर शनिवार को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बातचीत की थी। उन्होंने शनिवार को आनंदपुर साहिब में विश्वविद्यालय की कुलपति से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की।
इस दौरान विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और कार्यक्रम को लेकर उठी आपत्तियों पर विचार किया गया। छात्र संगठनों सथ, एआईएसए, एसएफएस और एचएसए ने मौजूदा स्वरूप में इस लेक्चर का विरोध किया है।
