आतंकवाद से निपटने के लिए चार राज्यों में संयुक्त अभ्यास; CAPF-NSG और राज्य पुलिस परख रही तैयारियां
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) शुक्रवार को एक बड़े पैमाने पर बहु-राज्य आतंकवादी रोधी अभ्यास ‘गांडीव’ का आगाज किया। इसका मकसद देश की संकट प्रतिक्रिया क्षमता और आतंकवादी हमलों व बंधक जैसी स्थितियों में तैयारी का परीक्षण करना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभ्यास 3-4 अक्तूबर की रात को एक साथ वाराणसी (उत्तर प्रदेश), चित्तौड़गढ़ (राजस्थान), पुणे (महाराष्ट्र) और जम्मू (जम्मू-कश्मीर) में किया जाएगा।
इस अभ्यास में एनएसजी के ‘ब्लैक कैट’ कमांडो और राज्य पुलिस बल विभिन्न आतंकवादी परिदृश्यों से निपटेंगे। इसमें धार्मिक स्थलों, संवेदनशील स्थानों और नदी पर चलने वाली क्रूज लाइनों पर आतंकवादी और बंधक बचाव संचालन, बम और आईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) खतरों का मुकाबला और निजी व सार्वजनिक संस्थानों में सशस्त्र घुसपैठ का मुकाबला शामिल है।
सांवलिया सेठ मंदिर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर हुआ अभ्यास
चित्तौड़गढ़ में शुक्रवार को यह अभ्यास सांवलिया सेठ मंदिर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर किया गया। चित्तौड़गढ़ एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि अभ्यास में NSG के साथ-साथ राज्य पुलिस बल, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, हवाई अड्डा प्राधिकरण, जलमार्ग एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन भी शामिल हुए। एनएसजी अधिकारियों ने पूरे मॉक ड्रिल को रातभर चलाया और एक काल्पनिक कहानी के जरिए हमले की स्थिति का सजीव अभ्यास किया।वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य तेजी से मोर्चे पर पहुंचना, एजेंसियों के बीच तालमेल और आतंकी खतरों से निपटने की क्षमता को और मजबूत करना है।
चित्तौड़गढ़ में शुक्रवार को यह अभ्यास सांवलिया सेठ मंदिर और अन्य संवेदनशील स्थलों पर किया गया। चित्तौड़गढ़ एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि अभ्यास में NSG के साथ-साथ राज्य पुलिस बल, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, हवाई अड्डा प्राधिकरण, जलमार्ग एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन भी शामिल हुए। एनएसजी अधिकारियों ने पूरे मॉक ड्रिल को रातभर चलाया और एक काल्पनिक कहानी के जरिए हमले की स्थिति का सजीव अभ्यास किया।वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य तेजी से मोर्चे पर पहुंचना, एजेंसियों के बीच तालमेल और आतंकी खतरों से निपटने की क्षमता को और मजबूत करना है।
RAGA NEWS ZONE
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