उत्तर प्रदेश के बरेली में इंटरनेट सेवा बंद: सुरक्षा के कड़े प्रबंध, 10 हजार जवान तैनात, चप्पे-चप्पे पर ड्रोन से निगरानी

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बरेली: उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज से पहले अलर्ट है। बरेली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस-पीएसी और आरएएफ के 10,000 जवान तैनात हैं। चप्पे-चप्पे की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। इंटरनेट बंद है। यहां बरेली जिले में गुरुवार को बवाल के 6 दिन बाद दोबारा इंटरनेट बंद कर दिया गया था। अब 48 घंटे बाद इंटरनेट सेवाएं शुरू की जाएंगी। 2 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे से बंद हुआ नेट अब 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे शुरू होगा। 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद 60 घंटे तक इंटरनेट बंद रखा गया था। संभल, कानपुर, प्रयागराज और पीलीभीत में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया। संभल में मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। वाराणसी में कमांडोज ने मॉक ड्रिल की है। ऐसे ही अमरोहा, लखीमपुर खीरी और फतेहपुर में भी पुलिस अलर्ट है।

उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट: बरेली में इंटरनेट बंद, भारी सुरक्षा बल तैनात

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार की नमाज (जुमे की नमाज) से पहले राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। हाल के दिनों में कुछ संवेदनशील घटनाओं के चलते राज्य के कई जिलों में सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं, जिनमें बरेली, वाराणसी, संभल, कानपुर और प्रयागराज प्रमुख हैं।

बरेली बना छावनी: इंटरनेट बंद, 10,000 जवान तैनात

बरेली, जहां 26 सितंबर को सांप्रदायिक तनाव और बवाल की घटनाएं हुई थीं, वहां एक बार फिर हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अत्यधिक सख्ती बरती है। पूरे जिले में इंटरनेट सेवाएं 2 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से बंद कर दी गईं, जो अब 4 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के बाद बहाल की जाएंगी। बवाल के 6 दिन बाद यह दूसरी बार इंटरनेट शटडाउन किया गया है। इससे पहले 26 सितंबर के बाद 60 घंटे तक इंटरनेट बंद रखा गया था। सुरक्षा की दृष्टि से बरेली में पुलिस, पीएसी (प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी), और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के 10,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। पूरे इलाके में ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जिससे कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके।

राज्य के अन्य जिलों में भी सतर्कता

वाराणसी (काशी) में कमांडोज़ द्वारा मॉकड्रिल (अभ्यास) की गई, ताकि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें। संभल, कानपुर, प्रयागराज, और पीलीभीत जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस ने फ्लैग मार्च किया है। यह कदम आम जनता में भरोसा कायम रखने और असामाजिक तत्वों को चेतावनी देने के लिए उठाया गया है। संभल में मस्जिदों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है ताकि नमाज के दौरान शांति बनी रहे। अमरोहा, लखीमपुर खीरी, और फतेहपुर में भी पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

सुरक्षा के कारण 

इन तमाम सुरक्षा उपायों के पीछे एक ही मकसद है — जुमे की नमाज के दौरान किसी भी प्रकार का तनाव, हिंसा या अफवाह फैलने से रोका जा सके। हाल ही में बरेली और कुछ अन्य जिलों में जो तनावपूर्ण घटनाएं हुईं, उन्होंने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।

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