हरियाणा वालों के लिए जरूरी खबर: अब 25 दिन में मिलेगा रसोई गैस, कॉमर्शियल सिलेंडर पर लगी पाबंदी
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता पर भी देखने को मिल रहा है। गैस की आपूर्ति कम होने की वजह से केंद्र सरकार के निर्देश पर हरियाणा सरकार ने रसोई गैस के सिलेंडर के लिए 25 दिन की अवधि तय कर दी है।
इसके साथ ही कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पर अगले आदेशों तक पाबंदी लगा दी है। हालांकि, अस्पताल की कैंटीन व शिक्षण संस्थानों के लिए सिलेंडर देने पर रोक नहीं है। अभी तक रसोई गैस सिलेंडर देने के लिए कोई अवधि तय नहीं थी।
खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने मंगलवार को बताया कि केंद्र सरकार की गाइड लाइन से गैस आपूर्ति करने वाली एजेंसियों को अवगत करा दिया गया है। उनसे गैस उत्पादन का प्रतिदिन का डाटा भी लिया जा रहा है। इंडियन ऑयल सहित सभी गैस एजेंसियों के अधिकारियों के साथ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति महानिदेशक ने बैठक कर गाइड लाइन का सख्ती से पालन करने को कहा है।
उपायुक्त तथा जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अपने जिले की गैस एजेंसी संचालकों से प्लांट से प्रतिदिन सिलिंडर मिलने तथा वितरण करने का डाटा भी तैयार कर सरकार को भेजेंगे। मंत्री ने बताया कि अभी एलपीजी की आपूर्ति पर अधिक संकट नहीं है। प्लांट में उत्पादन तेज करा दिया गया है। हालांकि आगे संकट आने की संभावना को देख उक्त कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद इस मामले को लेकर नजर बनाए हुए हैं। हरियाणा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शशिकांत शर्मा ने बताया कि सरकार के नए निर्देश को लेकर सोमवार को सभी एजेंसी संचालकों की बैठक हुई जिसमें नियम को सख्ती से लागू करने की सहमति बनी है। इसकी जानकारी उपायुक्त और डीएफएससी को भी दे दी गई है।
कॉमर्शियल सिलेंडर पांच दिन पहले ही मंहगा हो गया था। बाजार में सिलेंडर की उपलब्धता कम होने से इसकी कीमत तेजी से बढ़ गई थी। कई जगहों पर होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को सिलेंडर तय रेट से काफी ज्यादा कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। पांच दिन पहले बाजार में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर करीब 2300 रुपये में मिल रहा था, जबकि सरकार द्वारा तय आधिकारिक रेट लगभग 1883 था। चार दिन पहले 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम 115 रुपये बढ़ाए गए थे।
