चंडीगढ़ में 83 करोड़ की ठगी का बड़ा खुलासा, CREST के अकाउंट हेड साहिल कुक्कर गिरफ्तार
IDFC फर्स्ट बैंक के अधिकारियों पर भी आरोप, मोबाइल नंबर से खुला पूरा खेल
चंडीगढ़ में करोड़ों रुपये के हाई-प्रोफाइल वित्तीय घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सेक्टर-17 स्थित ईओपीएस थाना में दर्ज FIR नंबर 03 दिनांक 12 मार्च 2026 के तहत जांच कर रही टीम ने CREST (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी) के अकाउंट्स विभाग के प्रमुख साहिल कुक्कर को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला CREST के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि IDFC फर्स्ट बैंक के अधिकारियों—अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि—ने मिलकर करीब 83,04,85,582 रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पता चला कि साहिल कुक्कर का मोबाइल नंबर CREST के IDFC बैंक खाते के साथ रजिस्टर्ड था। इस नंबर पर खाते से जुड़े सभी लेन-देन की SMS अलर्ट्स आते थे, जिससे यह संकेत मिला कि उसे हर ट्रांजैक्शन की जानकारी थी।
इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की भूमिका फर्जी बैंक स्टेटमेंट तैयार करने में भी हो सकती है। पुलिस इस पहलू पर गहराई से जांच कर रही है कि क्या इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तारी और रिमांड
गिरफ्तारी के बाद साहिल कुक्कर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब आरोपी को 3 अप्रैल 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
कैश ट्रेल और अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस इस घोटाले में पैसों के प्रवाह (कैश ट्रेल) की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई और इसका अंतिम लाभ किसे मिला।
साथ ही, IDFC फर्स्ट बैंक के जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या इस घोटाले में और लोग या संस्थाएं भी शामिल हैं।
बड़ा वित्तीय घोटाला
करीब 83 करोड़ रुपये की यह ठगी चंडीगढ़ के हालिया समय के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक मानी जा रही है। मामले में लगातार नए खुलासे होने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी भी हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
