ऋतिक रोशन ने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिसके साथ उन्होंने एक्सप्लेन किया कि उन्हें क्या हुआ है। अपना हेल्थ अपडेट देते हुए ऋतिक रोशन ने अपने पोस्ट में लिखा- ‘आज पूरे दिन बाएं घुटने में दर्द रहा, जो कल अचानक दो दिन के लिए गायब हो गया। अब ये मेरे रूटीन का हिस्सा बन गया है। हम सभी ऐसे शरीरों में रहते हैं जिनकी कार्यप्रणाली को हम कभी पूरी तरह से समझ नहीं पाएंगे। लेकिन मेरा शरीर एक अनोखा और दिलचस्प मामला है। शरीर के प्रत्येक अंग में अपना-अपना ऑन/ऑफ बटन होता है और मेरा बायां पैर हमेशा से ये ऑन/ऑफ फीचर इस्तेमाल करता आया है। बायां कंधा और एंकल भी इसी तरह काम करता है। बस अचानक से ऑफ हो जाते हैं। ये मूड है।’
ऋतिक अपना हाल बयां करते हुए ह्यूमर के साथ आगे लिखते हैं- ‘इस सिंपल प्रोडक्ट फीचर ने मुझे ऐसे एक्सपीरियंस दिए हैं, जो अधिकांश इंसानों को प्राप्त नहीं होते। मैं अपने दिमाग में घोर निराशा से भरे न्यूरॉन्स के साथ गर्व से घूमता रहता हूं। मैं एक यूनिक सिनैप्स सिस्टम का ओनर जिसने अंधेरी सुरंगों के भंवर बनाने में महारत हासिल कर ली है, जो मुझे तेजी से कई तरह की खाईयों में ले जाती हैं। यह सब मुझे ऐसी मानसिक क्षमताएं प्रदान करता है जो बाकी मनुष्यों से अलग हैं।’
ऋतिक आगे लिखते हैं- ‘इनमें से सबसे बेहतरीन चीज है मेरा ह्यूमर। इसका एक उदाहरण यह है कि कभी-कभी मेरा मुंह “डिनर” बोलने से भी मना कर देता है। अब कल्पना कीजिए कि मैं एक सीरियस अदालती फिल्म सेट पर हूं, जहां मेरा डायलॉग है, “क्या आप डिनर के लिए घर आना चाहेंगे?” लेकिन मेरी जुबान ऑफ हो गई है, इसलिए मैं चतुराई से, दृढ़ता से और बार-बार उसे “लंच” के लिए आमंत्रित करता हूं। क्योंकि शुक्र है कि लंच अभी भी ऑन है। यह सब मेरे निर्देशक की हैरानी के बीच हो रहा है, बेचारा, जो अंततः इस बेतुकी स्थिति को समझने की कोशिश करना छोड़ देता है, और शायद इसे किसी अजीब संयोग का नतीजा मानकर आगे बढ़ जाता है।’
‘जब तक आप इस बेहद गंभीर स्थिति के दौरान मेरे हाव-भावों की भरमार को नहीं देखेंगे, तब तक आप इस कॉमेडी का पूरा आनंद नहीं ले पाएंगे। पहले गलत शब्द बोलने पर अचानक हैरानी, फिर वही गलती दोबारा दोहराने पर हाथ ऊपर उठाना, शूटिंग के बीच में गहरी भौंहें चढ़ाकर इस गंभीर स्थिति का नकली आत्म-विश्लेषण करना, नाक को बेधड़क झटका देना (सलमान स्टाइल), और अंत में अपने आप से की गई इस निजी साजिश पर बेकाबू होकर जोर से हंसना, जिसे मैंने अपने आस-पास बैठे थोड़े चिंतित दर्शकों के सामने ‘शर्मिंदगी छुपाने’ का बहाना बनाया।’