हरियाणा बजट 2025-26 : CM बोले- दफ्तर से नहीं, जनता के सुझावों से तैयार किया भविष्य का रोडमैप, ढाई गुना बढ़ी प्रति व्यक्ति आय
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी बजट को लेकर प्रदेश की जनता के साथ राज्य सरकार की कार्ययोजना साझा की है। विशेष प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वर्ष 2025-26 का बजट किसी बंद कमरे या सरकारी दफ्तर की उपज नहीं, बल्कि राज्य के नागरिकों की आकांक्षाओं और जनभावनाओं का प्रतिबिंब होगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की तरक्की के लिए आम आदमी की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बजट निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक रखी गई है। इस बार बजट को समावेशी बनाने के लिए उन्होंने विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ 13 महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनमें उन्हें 2199 बहुमूल्य सुझाव प्राप्त हुए। तकनीक का लाभ उठाते हुए सरकार की ओर से शुरू किए गए एआई (AI) चैटबॉट को भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। इसके माध्यम से प्रदेश के करीब 12,400 लोगों ने विचार साझा किए हैं और सुझाव आने का यह सिलसिला अभी भी जारी है। सीएम ने भरोसा दिलाया कि पिछला बजट भी जनता के सुझावों पर आधारित था और आगामी बजट भी विकसित हरियाणा की नींव रखेगा।
प्रदेश की आर्थिक सेहत पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने 29 जनवरी 2026 के ताजा आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि हरियाणा की जीडीपी (GDP) अब बढ़कर 13,67,769 करोड़ रुपये हो गई है। पिछले वर्ष की तुलना में (12,13,951 करोड़ रुपये) राज्य की अर्थव्यवस्था ने 12.67 प्रतिशत की प्रभावशाली दर से वृद्धि की है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की नीतियों और जनता की मेहनत का परिणाम बताया।
आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा पैमाना ‘प्रति व्यक्ति आय’ के मामले में भी हरियाणा ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, हरियाणा में प्रति व्यक्ति आय 3,58,171 रुपये तक पहुंच गई है, जो कि 2,19,575 रुपये की राष्ट्रीय औसत आय से कहीं अधिक है। इस उपलब्धि के साथ हरियाणा देश के उन शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है जहां लोगों की कमाई सबसे अधिक है।
तुलनात्मक विकास की चर्चा कर मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2014-15 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय महज 1,47,382 रुपये थी। बीते 11-12 वर्षों के कार्यकाल में यह आंकड़ा लगभग ढाई गुना बढ़ चुका है। सीएम सैनी ने अंत में कहा कि आने वाला बजट प्रदेश के हर वर्ग के सपनों को पूरा करने वाला होगा और लोगों को यह महसूस होगा कि यह उनका अपना बजट है।
