चंडीगढ़ में म्यूल अकाउंट फ्रॉड करते 4 गिरफ्तारः दूसरे खातों में रकम ट्रांसफर, अंतरराज्यीय गैंग का हिस्सा, कई राज्यों से जुड़े ठगी के तार
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चंडीगढ़ में म्यूल अकाउंट के जरिए फ्रॉड करने वाले 4 आरोपियों को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है ये आरोपी बैंक खातों का दुरुपयोग कर देशभर में साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे।
यह कार्रवाई इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) से मिली इनपुट के आधार पर की गई। जांच में सामने आया कि चंडीगढ़ में संचालित कई बैंक खाते अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़े हुए थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल किए। इन खातों में ठगी की रकम जमा की जाती थी, जिसे आरोपी आगे अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते थे या चेक के जरिए निकालकर संबंधित लोगों तक पहुंचाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कुमार, जय किशन सिंह, मुबारक अली और पियूष पांडे के रूप में हुई है। सभी आरोपी चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इनके खिलाफ साइबर क्राइम थाने में 5 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जानिए क्या है म्यूल अकाउंट का खेल:
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे असली साइबर ठग खुद इस्तेमाल करने की बजाय किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर चलाते हैं। ठगी के जरिए लोगों से पैसा ठगने के बाद वह रकम सीधे अपने खाते में लेने के बजाय ऐसे खातों में डलवाते हैं, ताकि पहचान छुपी रहे। इसके बाद म्यूल अकाउंट धारक उस पैसे को तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देता है या नकद निकालकर आगे पहुंचा देता है। कई बार लोगों को कमीशन या नौकरी का लालच देकर उनके खाते इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे वे अनजाने में ही इस साइबर ठगी का हिस्सा बन जाते हैं और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं।
