पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने Court में किया सरेंडर, मानहानि मामले में मिली जमानत
चंडीगढ़। नौ साल पुराने मानहानि के मामले में शनिवार को पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री व शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल चंडीगढ़ जिला अदालत में सरेंडर किया। 20 हजार रुपये के श्योरिटी बॉन्ड पर उन्हें जमानत मिली।
पिछले महीने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे और अदालत ने उनकी जमानत भी रद कर दी थी। वर्ष 2017 में बादल के खिलाफ धार्मिक संगठन अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने मानहानि का केस दायर किया था।
बादल ने शनिवार को अदालत पहुंचकर सरेंडर किया और जमानत की मांग की। उनके वकील राजेश कुमार ने कहा कि उन्होंने मानहानि मामले के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जोकि 17 अक्टूबर 2025 को खारिज हो गई थी। इस बारे में बादल को जानकारी नहीं मिल सकी।
हाईकोर्ट और जिला अदालत के मामलों की जानकारी उनके पीए चरणजीत सिंह बराड़ को होती थी, लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इस कारण उन्हें अदालत के केसों और तारीख के बारे में पता नहीं चला।
इसी वजह से वह जिला अदालत में पेश नहीं हो सके। वह जानबूझकर गैर हाजिर नहीं हुए थे। इसलिए बादल ने सरेंडर कर जमानत दिए जाने की मांग की। अदालत ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर दी।
बता दें कि चार जनवरी 2017 को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजिंदर पाल सिंह के घर आए थे। उनकी इस मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने मीडिया को जत्थे के खिलाफ विवादित बयान दिया था जिसमें उन्होंने जत्थे को आतंकवादी संगठन का राजनीतिक चेहरा बताया था।
जिस पर राजिंदर पाल सिंह ने बादल के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में मानहानि का केस दायर कर दिया था। राजिंदर सिंह का कहना था कि बादल के इस बयान के कारण उनके संगठन की छवि खराब हुई है।
