पटाखों से जहरीली हुई 15 शहरों की हवा, बारिश से मिलेगी प्रदूषण से राहत, पढ़ें ताजा अपडेट

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हरियाणा में बुधवार को मौसम एक बार फिर से बदलेगा। कुछ शहरों में मध्यम तो कुछ जगहों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। मौसमी बदलाव से दीपावली के बाद बढ़े वायु प्रदूषण में कमी आ सकती है।

लोगों को जहरीली हवा से सांस लेने में हो रही परेशानी दूर होगी। तेज हवा के साथ वर्षा होने से अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में भी चार से पांच डिग्री सेल्सियस का अंतर देखने को मिलेगा।

दीपावली की रात जमकर आतिशबाजी होने के चलते हरियाणा-एनसीआर में वायु प्रदूषण की परत मोटी हो चुकी है। दीपावली की रात आतिशबाजी के बाद हरियाणा के 15 जिलों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब हो गई।

मंगलवार सुबह को स्थिति इतनी खराब थी कि उसे ‘गंभीर’ और ‘खतरनाक’ माना गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के मुताबिक, चंडीगढ़ में हवा की गुणवत्ता भी ‘खराब’ रही, जहां एक्यूआई 146 दर्ज किया गया। एक्यूआई का स्तर 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’, 401-450 ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर ‘गंभीर प्लस’ माना जाता है।

रोहतक और नारनौल में सबसे खराब हालात दर्ज की गई। एक्यूआई के आंकड़ों के अनुसार रोहतक और नारनौल जैसे शहरों ने गुरुग्राम को प्रदूषण में पीछे छोड़ दिया। रोहतक का एक्यूआई 320, नारनौल का 311, बहादुरगढ़ में 306, धारूहेड़ा 305 और बल्लभगढ़ में 303 दर्ज किया गया।

यह आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि प्रदूषण अब केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रहा। राज्य के अंदरूनी हिस्सों में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। कुछ शहरों में मंगलवार सुबह आठ बजे तक लगातार एक्यूआई 500 के स्तर पर बना रहा।

कैथल, सोनीपत और चरखी दादरी जैसे इलाकों में भी एक्यूआई 400 से ऊपर बना रहा। हरियाणा के फरीदाबाद में 247, सोनीपत में 343, करनाल में 201, भिवानी में 328, जींद में 247 और चरखी दादरी में 279 एक्यूआइ दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।

मंगलवार को हरियाणा में थोड़ी देर के लिए बादल छाए और हल्की हवाएं भी चलीं। इससे स्माग में थोड़ी राहत जरूर मिली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले दो दिन मौसम में उतार-चढ़ाव रहेगा। उत्तरी हरियाणा में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि अन्य हिस्सों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है।

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए हरियाणा के एनसीआर क्षेत्रों में ग्रेप-2 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। इससे पहले 14 अक्टूबर को ग्रेप का पहला चरण लागू किया गया था। अब ग्रेप-2 के तहत डीजल के वाहनों पर सख्ती और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। यह पाबंदियां रोहतक, नारनौल, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, धारूहेड़ा और बल्लभगढ़ जैसे इलाकों में भी लागू होंगी।

ग्रेप के चार स्तर होते हैं, जो एक्यूआई पर आधारित होते हैं। . जब एक्यूाई 201 से 300 के बीच होता है तो स्टेज-वन लागू होता है। 301 से 400 के बीच पहुंचने पर स्टेज-2 लागू किया जाता है। एक्यूआई 401 से 450 के बीच पहुंचने पर स्टेज-3 और 450 से अधिक होने पर स्टेज-4 लागू होता है।

वायु प्रदूषण में कमी वर्षा होने से ही होगी, जिसकी संभावना हिसार कृषि विश्व विद्यालय के मौसम विभाग की ओर से जताई जा रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मौसम 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक परिवर्तनशील रहेगा।

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