चंडीगढ़ में प्राइवेट स्कूलों को कड़े निर्देश, किताब और यूनिफार्म के लिए अभिभावकों को लूटा तो होगी कार्रवाई
स्कूली किताबों और यूनिफार्म के नाम पर विद्यार्थियों के अभिभावकों से लूट खसौट पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है। इस संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश जारी किया गया है।
अगले महीने सेे शहर के 75 से अधिक प्राइवेट और काॅन्वेंट स्कूलों में नया एकेडमिक सत्र शुरु होने जा रहा है। कई स्कूलों में अगले सत्र की तैयारी भी शुरु कर दी गई है। सभी स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी ओर से फिर से एडवाइजरी जारी कर दी गई है, जिसमें साफ तौर पर किताबों और यूनिफार्म को लेकर निर्धारित मापदंड़ लिखे गए हैं।
सभी स्कूलों को नई कक्षाओं को शुरु करने से पहली सभी किताबों और यूनिफार्म के बारे में स्कूल वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर पूरी जानकारी देनी होगी। अभिभावक अब शहर की किसी भी दुकान से किताबों को खरीद सकेंगे। स्कूलों को अधिकतर एनसीईआरटी किताबों को ही निर्देशों के तहत कक्षाओं में लगाना है। जिससे कि सभी अभिभावकों को किताबें आसानी से बाजार से मिल सके।
कुछ अभिभावकों की शिकायतों के बाद मामला चीफ सेक्रेटरी के पास भी पहुंच चुका है। जिसके बाद शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी ने शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी,डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन को इस मामले में नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सभी स्कूलों को किताबों और यूनिफार्म को लेकर निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। किताबों और यूनिफार्म को किसी एक ही दुकान से खरीदने के मामले को मेयर सौरभ जोशी ने भी प्रमुख्ता से उठाया था। इसके बाद से शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। शहर के प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल नर्सरी,केजी और एलकेजी मेंदाखिले को लेकर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
स्कूलों ने नए सत्र की तैयारी भी कर ली है, ऐसे में अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही किताबें और यूनिफार्म खरीदने के लिए कुछ स्कूलों द्वारा मजबूर करने की शिकायतें मिली हैं, जिसके बाद से प्रशासन मामले में अब सख्ती करने जा रहा है। उधर मामले में शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन नितिश सिंगला की ओर से सभी अभिभावकों को कहा है कि अगर कोई भी स्कूल किताबों और यूनिफार्म मामले में किसी तरह से मजबूर करता है तो उसकी शिकायत सीधे जिला शिक्षा अधिकारी को कर सकते हैं। 24 घंटे के भीतर ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंपनी होगी।
प्रशासन ऐसे स्कूलों की मान्यता तक रद्द कर सकता है साथ ही स्कूलों पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हर साल प्राइवेट स्कूलों में किताबों और यूनिफार्म खरीदने को लेकर अभिभावकों को मजबूर करने की शिकायतें आती हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेने का फैसला लिया है।
डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ नीतिश सिंघला ने कहा कि सभी प्राइवेट स्कूलों को नए सत्र से पहले किताबें और यूनिफॉर्म संबंधी गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इस संबंध में सभी स्कूलों को नोटिस बोर्ड और स्कूल वेबसाइट पर उनकी जानकारी देना जरूरी किया गया है।
कोई भी स्कूल पेरेंट्स और बच्चों को किसी निश्चित दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। ऐसी किसी भी शिकायत पर शिक्षा विभाग संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं।
