चंडीगढ़ को मिली ग्रीन ट्रांसपोर्ट की सौगात, कल से सड़कों पर उतरेंगी 25 नई ई-बसें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से करेंगे वर्चुअल शुभारंभ, चार शहरों को मिलेंगी पीएम ई-बस सेवा की बसें
चंडीगढ़ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलने जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत शहर को मिली 25 नई इलेक्ट्रिक बसें शनिवार से सड़कों पर दौड़ेंगी। इन बसों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे।
चार शहरों को एक साथ मिलेगी पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत
प्रधानमंत्री अपने एक दिवसीय असम दौरे के दौरान गुवाहाटी से पीएम ई-बस सेवा के तहत खरीदी गई कुल 205 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ करेंगे।
इस योजना के अंतर्गत:
गुवाहाटी को 100 बसें
नागपुर को 50 बसें
भावनगर को 30 बसें
चंडीगढ़ को 25 बसें मिली हैं
गुवाहाटी पीएम ई-बस योजना के तहत 100 बसें खरीदने वाला देश का पहला शहर बन गया है।
केंद्र स्तर से होना था शुभारंभ, इसलिए टला स्थानीय कार्यक्रम
चंडीगढ़ में ई-बसें पिछले महीने ही पहुंच चुकी थीं। प्रशासन ने इन्हें तय रूटों पर चलाने की पूरी तैयारी कर ली थी और यूटी प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम भी तय था।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के वर्चुअली शामिल होने की सहमति भी मिल गई थी, लेकिन पीएम ई-बस सेवा का औपचारिक शुभारंभ केंद्र सरकार के स्तर से होना था, जिस कारण स्थानीय कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
अप्रैल तक मिलेंगी 100 ई-बसें, लोकल रूट्स पर बढ़ेगी फ्रीक्वेंसी
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है।
फरवरी के अंत तक 25 और
मार्च-अप्रैल तक शेष 50 बसें
शहर को मिलने की उम्मीद है।
ये सभी बसें मुख्य रूप से लोकल रूट्स पर चलाई जाएंगी। गौरतलब है कि नवंबर 2025 में 15 साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी 85 डीजल बसों को सड़कों से हटाने के बाद शहर में बसों की कमी महसूस की जा रही थी।
डीजल बसों की जगह लेंगी ई-बसें, लॉन्ग रूट पर लौटेंगी पुरानी बसें
डीजल बसें हटने के बाद फिलहाल लॉन्ग रूट की कई बसों को सिटी रूट्स पर लगाया गया था। नई ई-बसें शुरू होने के बाद इन बसों को फिर से लॉन्ग रूट्स पर भेजा जाएगा।
वर्तमान में ट्राइसिटी की सड़कों पर करीब 80 इलेक्ट्रिक बसें पहले से चल रही हैं।
हाईटेक और दिव्यांग-फ्रेंडली होंगी नई ई-बसें
चंडीगढ़ में शुरू हो रही नई इलेक्ट्रिक बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।
दिव्यांगजनों के लिए ऑटोमैटिक रैंप सुविधा
लो-फ्लोर डिजाइन, फ्लोर हाइट सिर्फ 400 मिमी
15 मीटर लंबी एसी बसें
फुल चार्ज पर करीब 224 किमी तक चलने की क्षमता
36 सीटें और 20 खड़े यात्रियों की व्यवस्था
स्टॉप संकेत के लिए पुश बटन सिस्टम
आगे, पीछे और साइड में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड
हर 10 मिनट में बस सेवा का लक्ष्य, पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा मजबूत
प्रशासन की योजना है कि शहर के प्रमुख रूट्स पर हर 10 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल बसों का अंतराल 5 से 30 मिनट तक है।
राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक मेट्रो परियोजना पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक बेहतर और सशक्त बस सेवा ही ट्रैफिक जाम की समस्या का सबसे व्यावहारिक समाधान है।
नए रूट शुरू करने और बंद पड़े रूट्स को फिर से चालू करने की भी तैयारी की जा रही है, जिससे शहरवासियों को सस्ती, नियमित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिल सके।
प्रधुम्न सिंह, निदेशक, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) ने बताया कि पीएम ई-बस सेवा के तहत चंडीगढ़ को मिली नई इलेक्ट्रिक बसें शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा सुधार लाएंगी।
उन्होंने कहा, “नई ई-बसें आधुनिक तकनीक से लैस हैं और यात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं। इन बसों के शुरू होने से न सिर्फ लोकल रूट्स पर बसों की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।”
प्रधुम्न सिंह ने आगे कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी 100 इलेक्ट्रिक बसें मिलने के बाद शहर के प्रमुख रूट्स पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी और यात्रियों को हर 10 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि “डीजल बसों के हटने से जो अस्थायी दिक्कतें आई थीं, उन्हें ई-बसों के संचालन से पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा और चंडीगढ़ का सार्वजनिक परिवहन पहले से कहीं अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनेगा।”
