IPL 2026 से पहले BCCI का बड़ा एक्शन: लागू किए 7 नए सख्त नियम, पढ़ें पूरी लिस्ट
आईपीएल 2026 (IPL 2026) का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है. इस बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही सभी 10 टीमों के लिए 7 सख्त नियम लागू कर दिए हैं. क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी नियम खेल से अधिक टीमों के अनुशासन, पिच की सुरक्षा और मैनेजमेंट को लेकर बनाए गए हैं. इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य पिच को सुरक्षित रखना और टीमों के बीच समानता बनाए रखना है.
IPL 2026 के लिए 7 नए नियम की लिस्ट
- मैच के दिन अभ्यास पर रोक: किसी भी टीम को अपने मैच वाले दिन मैदान पर प्रैक्टिस या ट्रेनिंग करने की अनुमति नहीं होगी.
- प्रैक्टिस मैच की सीमा: कोई भी टीम 2 से ज्यादा प्रैक्टिस मैच नहीं खेल सकती है. इसके लिए BCCI से अनुमति लेनी होगी और मैच साढ़े तीन घंटे से बड़ा नहीं होना चाहिए.
- नेट्स साझा करने पर मनाही: टीमें अपने अभ्यास के लिए एक-दूसरे के नेट्स का उपयोग नहीं करेंगी. दूसरी टीम का नेट्स खाली होने पर भी वहां प्रैक्टिस करने की सख्त मनाही है.
- मुख्य पिच पर पाबंदी: होम टीम जिस पिच पर अपना पहला मैच खेलेगी, उस पर 4 दिन पहले से अभ्यास नहीं होगा. खिलाड़ियों को शॉट खेलने की प्रैक्टिस के लिए अलग से विकेट दिए जाएंगे.
- परिवार और दोस्तों के लिए नियम: खिलाड़ियों के दोस्त और परिवार वाले उनके साथ टीम बस में यात्रा नहीं कर सकते हैं. अभ्यास के दौरान भी उन्हें मैदान में जाने की अनुमति नहीं है.
- एलईडी बोर्ड के पास बैठने पर बैन: मैच के दौरान खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैदान के किनारे लगे एलईडी (LED) बोर्ड के पास बैठने से पूरी तरह रोक दिया गया है.
- फिटनेस टेस्ट और ड्रेस कोड: मैच के दिन किसी भी खिलाड़ी का फिटनेस टेस्ट नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा पुरस्कार वितरण समारोह में खिलाड़ियों को अपनी पर्पल और ऑरेंज कैप पहनकर ही आना होगा.
BCCI ने पहला बड़ा नियम अभ्यास सत्र को लेकर बनाया है. कोई भी टीम अपने मैच वाले दिन मैदान पर ट्रेनिंग नहीं कर पाएगी. इसका मुख्य कारण मैच के लिए तैयार की गई पिच को खराब होने से बचाना है. इसके अतिरिक्त, कोई भी टीम पूरे सीजन में दो से अधिक प्रैक्टिस मैच नहीं खेल सकेगी. प्रैक्टिस मैच खेलने के लिए उन्हें पहले बोर्ड से अनुमति लेनी होगी. टीमों को यह भी ध्यान रखना होगा कि उनका कोई भी प्रैक्टिस मैच साढ़े तीन घंटे से अधिक समय तक न चले.
बोर्ड ने प्रैक्टिस नेट्स को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है. कोई भी टीम आपस में प्रैक्टिस नेट्स साझा नहीं करेगी. हर टीम को अभ्यास के लिए अलग से नया नेट्स दिया जाएगा. विरोधी टीम का नेट्स खाली होने पर भी उसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा. वहीं, जिस पिच पर कोई होम टीम अपना पहला मैच खेलेगी, उस मुख्य पिच पर 4 दिन पहले से किसी भी तरह की ट्रेनिंग पर रोक रहेगी. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि बड़े शॉट मारने और थ्रो डाउन के लिए अलग से साइड विकेट दिए जाएंगे. दो टीमों के एक साथ अभ्यास करने पर भी नई पिच दी जाएगी.
खिलाड़ियों के परिवार और दोस्तों के लिए भी इस बार सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. अब खिलाड़ियों के रिश्तेदार या दोस्त उनके साथ टीम बस में यात्रा नहीं कर सकेंगे. खिलाड़ियों को होटल से मैदान तक केवल टीम बस में ही आना-जाना होगा. इसके साथ ही, जब खिलाड़ी अभ्यास कर रहे होंगे, तब उनके परिवार के सदस्यों को खेल के मैदान के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी. वे लोग केवल बाहर बने निर्धारित हॉस्पिटैलिटी एरिया में बैठकर ही अभ्यास देख सकते हैं.
मैच वाले दिन किसी भी टीम को अपने दल का फिटनेस टेस्ट लेने की अनुमति नहीं है. साथ ही, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैदान के किनारे लगे एलईडी (LED) बोर्ड के पास बैठने से पूरी तरह मना किया गया है. इसके अलावा बोर्ड ने ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करने की याद दिलाई है. मैच खत्म होने के बाद जब भी पुरस्कार वितरण समारोह होगा, तो संबंधित खिलाड़ियों को अपनी ऑरेंज और पर्पल कैप पहनकर ही आना होगा.
