Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 23 मार्च 2026

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सोमवार, 23 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पंचमी के अवसर पर ‘लक्ष्मी पंचमी’ का पावन पर्व मनाया जाएगा। धन की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित यह दिन सुख-समृद्धि और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज चंद्रदेव वृषभ राशि और कृत्तिका नक्षत्र में रहेंगे, जिसके स्वामी सूर्यदेव और देवता अग्निदेव हैं। कृत्तिका नक्षत्र के प्रभाव से आज आपमें गजब की ऊर्जा और निडरता बनी रहेगी, जो जीवन के सही संचालन में सहायक होगी।

आज विष्कुंभ योग का प्रभाव रहेगा, इसलिए अपने व्यवहार में सहजता बनाए रखें। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना करना और अपनी बड़ी इच्छाएं पूरी करने के लिए प्रयास करना फलदायी रहेगा। आज के दिन अपनी तेज बुद्धि का सही दिशा में उपयोग करें और यदि मन में थोड़ा गुस्सा या कठोरता आए, तो उसे केवल सुधार के संकेत के रूप में देखें। शुभ कार्यों के लिए दोपहर 12:03 से 12:52 बजे तक के अभिजीत मुहूर्त का लाभ उठाएं। सुबह राहुकाल के समय सावधानी रखना ठीक रहेगा।

महत्वपूर्ण विवरण तिथि शुक्ल पंचमी – सायं 06:38 बजे तक, तत्पश्चात षष्ठी योग विष्कुंभ – दोपहर 12:22 बजे तक करण बव – प्रातः 07:56 बजे तक करण बालव – सायं 06:38 बजे तक करण कौलव – प्रातः 05:21 बजे (24 मार्च) तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति सूर्योदय का समय प्रातः 06:22 बजे सूर्यास्त का समय सायं 06:34 बजे चंद्रोदय का समय प्रातः 09:00 बजे चंद्रास्त का समय रात्रि 11:25 बजे सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव मीन राशि में स्थित हैं चन्द्र देव वृषभ राशि में स्थित हैं आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक अमृत काल सायं 06:37 बजे से सायं 08:05 बजे तक आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 07:53 बजे से प्रातः 09:25 बजे तक गुलिकाल दोपहर 01:59 बजे से सायं 03:31 बजे तक यमगण्ड प्रातः 10:56 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव कृत्तिका नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

कृत्तिका नक्षत्र: सायं 08:49 बजे तक स्थान: 26°40’ मेष राशि से 10°00’ वृषभ राशि तक नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव राशि स्वामी: मंगलदेव और शुक्रदेव देवता: अग्निदेव प्रतीक: भाला या अस्त्र सामान्य विशेषताएं: तेज बुद्धि, स्वाभिमानी, धार्मिक, परंपरावादी, क्रोधी, लड़ाकू, निडर, ऊर्जावान, महत्वाकांक्षी, प्रसिद्ध, विलासी, सामाजिक रूप से प्रभावशाली, कभी-कभी कठोर और चालाक। आज लक्ष्मी पंचमी है लक्ष्मी पंचमी 2026 पंचमी तिथि प्रारंभ: 22 मार्च, 2026 को रात 09:16 बजे पंचमी तिथि समाप्त: 23 मार्च, 2026 को शाम 06:38 बजे चैत्र शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को लक्ष्मी पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यह पावन दिन हिंदू नव वर्ष के पहले सप्ताह में आता है और धन की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित है। वैदिक गणना के अनुसार, इसे कल्पादि तिथि भी कहा जाता है, जो एक नए कल्प की शुरुआत का प्रतीक है। साल भर की सात मुख्य कल्पादि तिथियों में इसका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना गया है। इसे श्री पंचमी या श्री व्रत के नाम से भी जाना जाता है। ध्यान रहे कि यह बसंत पंचमी से अलग है, क्योंकि बसंत पंचमी देवी सरस्वती की आराधना का दिन होता है। वर्ष के आरंभ में लक्ष्मी जी की उपासना करना जीवन में मंगल और खुशहाली लाता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों और व्यवसाय के स्थानों पर विशेष पूजा का आयोजन करते हैं। कई व्यापारिक घराने इस दिन को पूरी सहजता और श्रद्धा के साथ मनाते हैं, ताकि पूरे वर्ष सुख-संपत्ति बनी रहे।

 

 

 

 

 

 

 

 

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