ठगी का मायाजाल : कुरुक्षेत्र में विदेश भेजने के नाम पर 23 लाख और पंचकूला में स्टॉक मार्केट के झांसे में 24.68 लाख की लूट

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हरियाणा के दो अलग-अलग जिलों से धोखाधड़ी और जालसाजी के बड़े मामले सामने आए हैं, जहां कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में एक पड़ोसी ने ही विश्वास की हत्या करते हुए मां-बेटी को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए, वहीं पंचकूला में साइबर ठगों ने एक बैंक मैनेजर की पत्नी को निवेश का लालच देकर ठग लिया। दोनों ही घटनाओं में पीड़ितों ने मेहनत की गाढ़ी कमाई और जमीन बेचकर जमा की गई पूंजी गंवा दी है।

कुरुक्षेत्र के शाहाबाद वार्ड नंबर-10 की हरप्रीत कौर से उसके पड़ोसी ने ही ठगी कर ली। हरप्रीत अपनी बेटी दलजीत कौर का भविष्य उज्ज्वल करने के लिए उसे न्यूजीलैंड भेजना चाहती थीं। इसी दौरान उनके पड़ोसी समीर उर्फ हनु ने उन्हें झांसा दिया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को विदेश भेजने का काम करता है।

समीर ने हरप्रीत को विश्वास दिलाया कि लाडवा रोड पर स्थित उनका ऑफिस पूरी तरह वैध है और वे न्यूजीलैंड का 2 साल का वर्क परमिट पक्के तरीके से लगवाते हैं, जिसमें नौकरी की भी गारंटी होती है। पड़ोसी होने के नाते हरप्रीत ने उस पर भरोसा कर लिया। समीर ने उन्हें अन्य साथियों अनुराग और अंकुश से मिलवाया, जिन्होंने पूरी प्रक्रिया के बदले 23 लाख रुपये की मांग की।

हरप्रीत ने अपनी बेटी के सुनहरे भविष्य के लिए अपनी जमीन बेच दी और आरोपियों को पैसे देने शुरू किए। शुरुआत में पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के साथ 1 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद झांसे में लेने के लिए आरोपियों ने विश्वास बहाली के नाम पर चेक भी दिए। धीरे-धीरे करके आरोपियों ने 14 लाख रुपये और फिर 6 लाख का एक चेक भूपिंदर के नाम लेकर कुल 23 लाख रुपये वसूल लिए।
ठगी की हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने हरप्रीत के मोबाइल पर न्यूजीलैंड वीजा की फोटो भेजी, जिसे देखकर बेटी ने जाने की तैयारी शुरू कर दी। लेकिन जब वे असली पासपोर्ट लेने ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। जांच करवाने पर पता चला कि जो वीजा फोटो भेजी गई थी, वह पूरी तरह फर्जी थी। अब आरोपी न तो पैसे वापस कर रहे हैं और न ही पासपोर्ट लौटा रहे हैं, बल्कि मां-बेटी को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

धोखाधड़ी की दूसरी बड़ी वारदात पंचकूला के सेक्टर-21 में हुई, जहां शिक्षित परिवार की महिला साइबर ठगी का शिकार हो गई। पीड़िता कनिका गुप्ता, जिनके पति पिंजौर में बैंक मैनेजर के पद पर तैनात हैं, को स्टॉक मार्केट में ऊंचे मुनाफे का लालच दिया गया।
ठगी की शुरुआत पिछले साल 29 अक्टूबर को हुई, जब कनिका ने फेसबुक पर निवेश से संबंधित एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन के लिंक पर क्लिक करते ही वह ‘लर्निंग एंड एक्सचेंज’ नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हो गई। इस ग्रुप में स्टॉक की खरीद-बरोख्त और भारी मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे। ठगों ने उन्हें विश्वास दिलाया कि यदि वे उनके माध्यम से इंस्टीट्यूशनल स्टॉक खरीदते हैं, तो उन्हें सामान्य से 15 से 20 प्रतिशत अधिक रिटर्न मिलेगा।

साइबर अपराधियों ने कनिका को विश्वास में लेकर 13 नवंबर को एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करवाया। शुरुआत में 17 जनवरी को उनसे केवल 5 हजार का निवेश करवाया गया ताकि उन्हें सिस्टम पर भरोसा हो सके। इसके बाद अलग-अलग बहानों और स्टॉक खरीदने के नाम पर कुल 19 बार ट्रांजैक्शन करवाए गए। देखते ही देखते कनिका के बैंक खाते से 24 लाख 68 हजार 500 रुपये ठगों के खातों में ट्रांसफर हो गए। जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

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