पंजाब में दशहरा उत्सव पर राम से पहले पहुंच गया तूफान, रावण के पुतले की गर्दन झुकी और मेघनाद के पुतले की टूटी
जालंधर। पंजाब में दशहरा उत्सव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थी। शाम को भगवान श्रीराम और रावण का युद्ध होना था। इससे पहले ही तूफान पहुंच गया, जिसने रावण के पुलते की गर्दन झुका दी। मेघनाथ के पुतले की गर्दन टूट गई।
कई जिलों में वीरवार सुबह तेज हवा (तूफान) के साथ वर्षा हुई, जिसने दशहरा उत्सव की तैयारियों पर पानी फेर दिया। जालंधर में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को काफी नुकसान पहुंचा। कोई पुतला गर्दन से टूट गया तो किसी की गर्दन झुक गई।
मॉडल हाउस में रावण और कुंभकरण के पुतले जमीन पर गिर गए। इतना ही नहीं, बस्ती शेख में मेघनाद के पुतले की गर्दन टूट गई। पुतलों को ठीक करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर क्रेन बुलाई गई हैं, ताकि पारंपरिक रावण दहन समारोह निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हो सके।
