प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को अमेजन कस्टमर केयर अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान वे लोगों को विभिन्न बहानों में उलझाकर उनके क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और बाद में खातों से रकम निकाल लेते थे।

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि कॉल सेंटर का संचालन अमेरिकी समय के अनुसार किया जाता था। कार्यालय शाम करीब 7 बजे खुलता था और रात 3 बजे तक गतिविधियां चलती थीं।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया और धोखाधड़ी की कुल रकम कितनी है। मामले में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।