अमरनाथ यात्रा 2026: हाई अलर्ट पर जम्मू-कश्मीर, सुरक्षा के लिए 670 कंपनियों की रिकॉर्ड तैनाती
अमरनाथ यात्रा 2026: 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री बाबा अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से सुरक्षा बलों की कंपनियों का आगमन शुरू हो गया है। सुरक्षाबल रेल और रोड मार्गों से जम्मू में तैनाती के लिए पहुँच रहे हैं। रविवार शाम कई कंपनियों के जवान रेलगाड़ियों के माध्यम से अमरनाथ ड्यूटी के लिए जम्मू पहुँचे। यात्रा की सुरक्षा को मजबूत करने के अभियान के तहत अगले 23 दिनों में लगभग एक लाख सुरक्षाकर्मी तैनात होकर करीब दो महीने तक चलने वाली यात्रा की सुरक्षा संभालेंगे।
इस बार श्री बाबा अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त (रक्षाबंधन) को समाप्त होगी। गृह मंत्रालय ने यात्रा की सुरक्षा के मद्देनजर रिकॉर्ड 670 कंपनियों की तैनाती का निर्णय लिया है, जो अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती मानी जा रही है। गृह मंत्रालय का कहना है कि यह कदम देशविरोधी तत्वों द्वारा किसी बड़ी घटना की कोशिश को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि बेहतर समन्वय के साथ यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाया जाएगा। इस अभियान में सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख भूमिका निभाएंगे। जल्द ही यात्रा की सुरक्षा पर व्यापक संयुक्त सुरक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी।
प्रत्येक सुरक्षा चुनौती का आकलन कर सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता बनाया जा रहा है। जून के पहले पखवाड़े में सुरक्षा बलों की तैनाती की आमद तेज रहेगी और 25 जून तक संबंधित कंपनियाँ अपने-अपने निर्धारित स्थानों पर मोर्चा संभाल लेंगीं।
इस वर्ष यात्रा के लिए अब तक 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। तीन जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा रणनीति अपनायी गई है: जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल पहले तथा दूसरे घेरों की जिम्मेवारी निभाएंगे, जबकि सेना तीसरे सुरक्षा घेरे का कार्यभार संभालेगी। सेना पवित्र गुफा और यात्रा मार्गों के ऊपरी इलाकों में तैनात रह कर देशविरोधी तत्वों की साजिशों को नाकाम करेगी।
सैन्य सूत्रों के अनुसार सीमा-नज़दीकी तथा आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में आतंकियों और उनके सहयोगियों पर दबाव बनाये रखने के उद्देश्य से लगातार तलाशी अभियान चलाये जायेंगे, ताकि वे छिपने पर मजबूर हों या उन्हें की जा सके।
