Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग, 3 अप्रैल 2026
शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सुबह 08:42 बजे तक है, इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। आज चंद्रदेव सुबह 06:28 बजे तुला राशि में जा रहे हैं और चित्रा नक्षत्र में रहेंगे। इस नक्षत्र के स्वामी मंगलदेव हैं, जिसके प्रभाव से आपके व्यक्तित्व में एक अलग ही निखार और कुछ नया करने का उत्साह बना रहेगा। आपकी मजबूत इच्छाशक्ति और कला के प्रति लगाव आज आपको दूसरों से अलग पहचान दिलाएगा।
आज दोपहर 02:09 बजे तक व्याघात योग रहेगा, जिसके बाद हर्षण योग शुरू होगा। हर्षण योग मन में खुशहाली और उत्साह भरने वाला माना जाता है। आज आपकी गहरी समझ और हिम्मत आपको अपने लक्ष्यों के करीब ले जाने में मदद करेगी। अगर स्वभाव में थोड़ी बहुत चिड़चिड़ाहट महसूस हो, तो उसे केवल सुधार के एक संकेत के रूप में देखें और मन में सहजता बनाए रखें। किसी भी खास काम की शुरुआत के लिए दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक का समय बहुत अच्छा है। सुबह राहुकाल के दौरान थोड़ा संभलकर रहना ठीक रहेगा।
महत्वपूर्ण विवरण तिथि: कृष्ण प्रतिपदा प्रातः 08:42 बजे तक, फिर द्वितीया योग: व्याघात दोपहर 02:09 बजे तक, फिर हर्षण करण: कौलव प्रातः 08:42 बजे तक करण: तैतिल रात्रि 09:22 बजे तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति सूर्योदय का समय प्रातः 06:09 बजे सूर्यास्त का समय सायं 06:40 बजे चंद्रोदय का समय सायं 08:04 बजे चंद्रास्त का समय प्रातः 06:27 बजे सूर्य और चंद्रमा की राशियां सूर्य देव मीन राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव कन्या राशि में – प्रातः 06:28 बजे तक, फिर तुला राशि में प्रवेश करेंगे आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक अमृत काल दोपहर 12:32 बजे से दोपहर 02:15 बजे तक आज के अशुभ समय राहुकाल प्रातः 10:51 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक गुलिकाल प्रातः 07:43 बजे से प्रातः 09:17 बजे तक यमगण्ड सायं 03:32 बजे से सायं 05:06 बजे तक आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव चित्रा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
चित्रा नक्षत्र: सायं 07:25 बजे तक स्थान: 23°20’ कन्या राशि से 6°40’ तुला राशि तक नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव राशि स्वामी: बुधदेव और शुक्रदेव देवता: त्वष्टा (सृजन और निर्माण के देवता) प्रतीक: चमकता हुआ रत्न (मणि) सामान्य विशेषताएं: बुद्धिमान, सुंदर शरीर, आकर्षक आंखें, कलाप्रेमी, रचनात्मक, मजबूत इच्छाशक्ति, साहसी, ऊर्जावान, पारखी नजर, विलासी, कभी-कभी चिड़चिड़े, थोड़े कंजूस।
