पंचकूला में 120 CCTV कैमरे खराब, पुलिस और निगम अफसर की लापरवाही; कैसे पहचाने जाएंगे झपटमार, लुटेरे और चोर
पंचकूला। करोड़ों रुपये खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में से 120 से अधिक पूरी तरह खराब पड़े हैं। यह पुलिस और निगम अफसरों की लापरवाही का नतीजा है, जिसका फायदा झपटमार, लुटेरे और चोर उठा रहे हैं।
अपराधी वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जा रहे हैं और पहचान तक नहीं हो पा रही। बीते समय में झपटमारी की कई घटनाओं के बावजूद पुलिस आज तक अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है।
नगर निगम की ओर से पंचकूला शहर में करीब 13.5 करोड़ रुपये की लागत से 394 सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इनमें 314 बाॅक्स कैमरे, 57 पीटीजेड कैमरे और 23 एनपीआर (नंबर प्लेट रीडर) कैमरे शामिल हैं।
दावा किया जाता है कि ये कैमरे चौबीसों घंटे शहर पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। बड़ी संख्या में कैमरे या तो बंद पड़े हैं या तकनीकी खराबी के कारण बेकार साबित हो रहे हैं।
खराब कैमरों को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की कई बैठकें भी हो चुकी हैं। हर बार कैमरे ठीक करने के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं बदला। पुलिस और नगर निगम के बीच जिम्मेदारी को लेकर खींचतान चलती रही।
