HRTC बस हादसे में शर्मसार हुई इंसानियत, सड़क पर पड़े थे तीन शव, नोटों से भरे बैग के लिए भिड़ गए लोग
उत्तराखंड की चकराता तहसील में एक हादसा ऐसा हुआ जिसमें तीन लोग ही नहीं मरे, मानवीय संवेदना की भी मौत हो गई। क्वानू मैलोत गांव के पास मीनस-क्वानू-हरिपुर मार्ग पर हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बस हादसे के बाद लोग नोटों से भरे बैग को लेकर ही आपस में उलझ पड़े। एक ओर जहां हादसे में मारे गए तीन लोगों के शव सड़क पर थे, दूसरी ओर पैसों से भरे बैग को लेकर कई लोग खुद को उसका मालिक बताने लगे और झगड़ पड़े।
इंसानियत को शर्मसार करने वाली ऐसी ही घटना बिहार के सीतामढ़ी जिले में भी सामने आई थी। यहां पर मछलियों से भरा वाहन पलट गया था, जिसकी चपेट में आने से 17 साल के किशोर की मौत हो गई। किशोर का शव सड़क पर पड़ा था, लेकिन लोग शव को उठाने के बजाय मछलियां लूटते रहे। जब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो अत्यंत पीड़ादायक होती हैं। एचआरटीसी बस हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बैग में लगभग तीन लाख 20 हजार रुपये थे।
कुछ लोगों ने बैग को दुर्घटना में घायल रिश्तेदार का बताते हुए विवाद शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि पुलिस ने नोटों से भरा बैग कब्जे में लिया और इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। इसके बाद पुलिस ने बस दुर्घटना में घायल व्यक्ति से फोन पर संपर्क किया। नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नोटों से भरा बैग दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार घायल यात्री अब्दुल कयूम का था।
36 वर्षीय अब्दुल कयूम मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है और नेरवा में उसकी क्राकरी की दुकान है। घायल होने के बाद उसे विकासनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस ने बस की तलाशी ली तो एक काले रंग का कपड़े का बैग बरामद हुआ। इसमें तीन लाख 20 हजार रुपये, अब्दुल कयूम का पैन कार्ड और फोटो पहचान पत्र थे।
हादसे की सूचना मिलते ही उनके स्वजन भी दुर्घटनास्थल पर पहुंच गए थे, जिनसे पहचान की पुष्टि करवाई गई। जांच के बाद नोटों से भरा बैग अब्दुल कयूम की बेटी सानिया को उसके स्वजन व एसडीएम चकराता की मौजूदगी में सौंप दिया। हालांकि पुलिस की तत्परता से जहां एक ओर बड़ा विवाद टल गया, वहीं इस घटना ने हादसों के दौरान मानवीय संवेदनाओं पर पैसों के लालच को भी उजागर कर दिया।
