पंजाब की जेलों में सुरक्षा की नई परत: खोजी कुत्ते होंगे तैनात, इतने माहिर कि मोबाइल की गंध भी पहचानेंगे

0

Screenshot

पंजाब की जेलों में नशीले पदार्थों और अवैध मोबाइल फोन की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब बीएसएफ द्वारा प्रशिक्षित खोजी कुत्तों को जेलों में तैनात किया जाएगा।

पहली खेप में छह खोजी कुत्ते जेल विभाग को मिलेंगे, जिन्हें हाई सिक्योरिटी श्रेणी की जेलों में तैनात किया जाएगा। इन खोजी कुत्तों को विशेष रूप से इस तरह प्रशिक्षित किया गया है कि वे नशीले पदार्थों के साथ-साथ मोबाइल फोन की गंध भी पहचान सकें। खास बात यह है कि ये कुत्ते छोटे आकार के की-पैड मोबाइल फोन तक का पता लगाने में सक्षम होंगे, जिन्हें अक्सर जेलों में छिपाकर पहुंचाया जाता है। इसके साथ ही जेलों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसकी मंजूरी पहले ही पंजाब सरकार दे चुकी है।

जेल विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पंजाब की जेलों में बड़ी संख्या में ऐसे कैदी और बंदी हैं, जिन पर नशा तस्करी और गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं। इनके बाहरी संपर्क जेलों के भीतर नशीले पदार्थ और मोबाइल फोन पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। कई मामलों में यह सामान शरीर के गुप्तांग हिस्सों में छिपाकर जेल तक पहुंचाया जाता है। वहीं, पेरोल पर बाहर जाने वाले कुछ कैदी भी वापसी के दौरान इसी तरह प्रतिबंधित वस्तुएं लाने का प्रयास करते हैं। जेलों में मोबाइल पहुंचने के बाद अपराधी बाहर बैठे साथियों के जरिए व्यापारियों को धमकी और रंगदारी वसूलने जैसी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

इन गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए खोजी कुत्तों के माध्यम से नियमित रूप से बैरकों और जेल परिसरों की तलाशी ली जाएगी। छह नए कुत्तों के शामिल होने से जेलों में तैनात खोजी कुत्तों की संख्या 11 हो जाएगी। इसके अलावा जेलों में फुल बॉडी स्कैनर मशीनें भी स्थापित की जाएंगी, जिससे कपड़ों या शरीर में छिपी वस्तुओं का पता लगाया जा सकेगा।

यूं और कड़ी होगी सुरक्षा
जेलों की सुरक्षा के लिए 126 करोड़ रुपये की लागत से एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे, एक्स-रे बैगेज स्कैनर जैसे उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इसके साथ ही 5जी तकनीक वाले मोबाइल और सिम को जाम करने के लिए नए जैमर लगाए जाएंगे, क्योंकि मौजूदा जैमर नई पीढ़ी के मोबाइल फोन को रोकने में सक्षम नहीं हैं। 13 संवेदनशील जेलों में ये जैमर लगाए जाएंगे। सुरक्षा कर्मियों के लिए बॉडी वॉर्न कैमरे भी खरीदे जा रहे हैं, जिससे ड्यूटी के दौरान निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

RAGA NEWS ZONE Join Channel Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताजा खबर