चंडीगढ़: गणतंत्र दिवस पर PGI ने मरीजों के लिए कीं बड़ी घोषणाएं, पीजीआई से सारंगपुर तक अंडरग्राउंड टनल

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर पीजीआई चंडीगढ़ ने मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो अहम घोषणाए कीं। निदेशक प्रो. विवेक लाल ने पीजीआई मुख्य परिसर से सारंगपुर तक अंडरग्राउंड टनल के प्रस्ताव और सारंगपुर में विश्राम सदन की स्थापना को संस्थान की पेशेंट-फ्रेंडली सोच का प्रतीक बताया। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से आने वाले समय में ट्रैफिक दबाव घटेगा और मरीजों के साथ आए परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।

77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने घोषणा की कि पीजीआई मुख्य परिसर और सारंगपुर के बीच अंडरग्राउंड टनल के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इस टनल के बनने से दोनों परिसरों के बीच मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य सेवाओं की आवाजाही सुगम होगी। खासकर तब जब सभी नए और सैटेलाइट कैंपस पूरी तरह कार्यशील हो जाएंगे।

प्रो. विवेक लाल ने कहा कि सारंगपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ ट्रैफिक और भीड़ बढ़ना तय है, ऐसे में अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी भविष्य की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का उद्देश्य मरीजों की परेशानी कम करना और सुरक्षित, व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करना है।

वहीं सारंगपुर को लेकर दूसरी बड़ी घोषणा विश्राम सदन से जुड़ी रही। प्रो. विवेक लाल ने बताया कि अदानी समूह द्वारा सारंगपुर में 6,000 वर्ग मीटर भूमि पर, बिना किसी लागत के पीजीआई के लिए विश्राम सदन का निर्माण किया जा रहा है। यह सुविधा खास तौर पर उन मरीजों के परिजनों के लिए होगी जो दूर-दराज से इलाज के लिए पीजीआई आते हैं और जिन्हें ठहरने की समस्या का सामना करना पड़ता है। निदेशक ने इसे करुणामूलक स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक अहम कदम बताया।

सारंगपुर को भविष्य का स्वास्थ्य केंद्र बताते हुए निदेशक ने कहा कि सैटेलाइट सेंटर, नई सुविधाओं और सहयोगी संस्थानों के विकसित होने से यह क्षेत्र पीजीआई के विस्तार का प्रमुख आधार बनेगा और मुख्य परिसर पर मरीजों का दबाव कम होगा। इस अवसर पर प्रो. विवेक लाल ने संस्थान की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पीजीआई की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह अभियान संस्थान की राष्ट्रीय जिम्मेदारी और आपात तैयारियों का प्रमाण है। उन्होंने ऑपरेशन के दौरान तैनात ड्राइवरों, नर्सिंग स्टाफ, रेजिडेंट डॉक्टरों और अन्य कर्मियों के समर्पण की सराहना की।

क्लिनिकल सुधारों की चर्चा करते हुए निदेशक ने बताया कि नियमित ऑपरेशन थिएटर का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किए जाने से सर्जरी की प्रतीक्षा अवधि में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में यह कदम अभूतपूर्व है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

ट्रांसप्लांट सेवाओं पर उन्होंने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर और मजबूत लॉजिस्टिक व्यवस्था के चलते पीजीआई रीनल और जटिल अंग प्रत्यारोपण में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रशासनिक मोर्चे पर निदेशक ने तकनीकी और गैर-फैकल्टी कर्मचारियों के वर्षों से लंबित प्रमोशन मामलों के समाधान की घोषणा की और इसे संस्थान के लिए जरूरी सुधार बताया।

रेजिडेंट डॉक्टरों को संस्थान की रीढ़ बताते हुए उन्होंने उनकी समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया। समारोह के समापन पर प्रो. विवेक लाल ने पीजीआई को ज्ञान, सेवा और अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बताते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस संस्थान को उसके संवैधानिक दायित्वों की याद दिलाता है।

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