शिमला: संजौली मस्जिद में नहीं पढ़ने दी गई नमाज: प्रशासन ने दिया बिजली-पानी काटने और हिंदू नेताओं पर दर्ज FIR वापस लेने का भरोसा
शिमला: हिमाचल की राजधानी शिमला के संजौली में मस्जिद में प्रशासन ने आज यानी शुक्रवार को नमाज नहीं पढ़ने दी। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद किसी भी व्यक्ति को मस्जिद के भीतर नहीं जाने दिया गया। संजौली में चल रहे आमरण अनशन के बाद प्रशासन ने मस्जिद का बिजली-पानी काटने और हिंदू नेताओं पर दर्ज FIR वापस लेने का भरोसा दिया। इसके बाद, हिंदू संगठनों ने आमरण अनशन खत्म करने का फैसला लिया। जबकि क्रमिक अनशन बिजली-पानी कटने और FIR रद्द होने तक जारी रहेगा। इससे पहले, प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के रवैये को देखते हुए पांच मिनट तक चक्का जाम किया। इस दौरान, माहौल तनावपूर्ण हो गया। मगर प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच बीती रात से चल रही बातचीत के बाद समाधान निकाला गया।
दरअसल, बीते शुक्रवार को हिंदू नेताओं ने बाहरी राज्यों के मुस्लिमों को संजौली मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका था। इस दौरान, मुस्लिमों के साथ बहस भी हो गई थी। इनका कहना था कि कोर्ट द्वारा अवैध करार मस्जिद में नमाज की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में तीन महिलाओं सहित छह लोगों पर FIR दर्ज की थी। इससे हिंदू संगठन भड़क गए। हिंदू संगठनों का कहना है कि कोर्ट मस्जिद को अवैध घोषित कर चुका है और 30 दिसंबर तक गिराने के आदेश भी दे दिए हैं। फिर बिजली-पानी क्यों नहीं काटा जा रहा और केस हिंदुओं पर ही बनाए जा रहे हैं।
प्रशासन के साथ 29 को मीटिंग होगी: कमल
हिंदू रक्षा मंच के अध्यक्ष कमल गौतम ने बताया कि प्रशासन के साथ बातचीत पूरी तरह सकारात्मक रही। प्रशासन ने सभी मांगें सुनी हैं और उन्हें लागू करने के लिए प्रशासन और हिंदू संघर्ष समिति की संयुक्त कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी की बैठक 29 तारीख को होगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि तीन मुख्य मांगों पर कार्रवाई की जाएगी और सभी विषयों पर सहमति बन गई है। इन्हें जल्द पूरा करने का भरोसा दिया है।
