संभल में रावण दहन के दिन अवैध निर्माण पर चल रहा बुलडोजर, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
संभल जिले में एक बार फिर अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है और वो भी रावण दहन के दिन। इसे लेकर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। गुरुवार को तालाब की भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा कर जमीन पर बनाई गई मस्जिद और एक मैरिज होम को ध्वस्त करने की कार्रवाई का ऑर्डर जारी किए जाने के बाद प्रशासन की तरफ से अवैध निर्माण को तोड़ा जा रहा है। यह बड़ा एक्शन संभल के राया बुजुर्ग गांव में हो रहा है। प्रशासन के अनुसार, यह निर्माण सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध तरीके से किया गया है। गुरुवार को सुबह ग्यारह बजे शुरू हुई कार्रवाई जारी है। कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। कार्रवाई के दौरान पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस की कई कंपनियां मौके पर मौजूद हैं।
एसडीएम ने बताया कि, 26-06-2025 को नोटिस जारी किया गया था। धारा 68 UPRC के तहत मामला दर्ज हुआ था। 02-09-2025 को आदेश जारी किया गया। दो सरकारी क्षेत्र है, जिनमें से एक है प्लॉट संख्या 691, जो तालाब का क्षेत्र है, कुल 2160 वर्ग मीटर। दूसरा क्षेत्र प्लॉट संख्या 469 है, जो 592 वर्ग मीटर का है। एक स्थान पर बारात घर है और दूसरे पर मस्जिद। उसी आदेश के अनुसार कार्यवाही की गई। विधिक रूप से उचित नोटिस जारी किया गया था, न्यायालय में आपत्ति भी की गई, उसके बाद आदेश पारित हुआ। यह निर्माण कम से कम 10–15 वर्ष पूर्व किया गया था। इन दोनों का निर्माण मिंजार नामक व्यक्ति द्वारा कराया गया था।”
वहीं, मिंजार ने बताया कि, मैरेज हॉल बहुत पुराना है। पहले यह खाली था, फिर धीरे-धीरे जैसे-जैसे पैसा बढ़ता गया और लोग बढ़ते गए, हमने इसे बना दिया। मस्जिद उतनी पुरानी नहीं है; इसे हमारे बड़े-बुज़ुर्गों ने बनाया है। फिलहाल हम बाहर रहते थे, गाड़ी चलाते थे, इसलिए हमें इस बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन नोटिस मेरे नाम पर जारी किया गया है।
मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने जिला प्रशासन से चार दिन की मोहलत मांगी है और मस्जिद नहीं गिराने की गुहार लगाई है। इसके बाद प्रशासन ने चार दिन की मोहलत दे दी है, चार दिनों में मस्जिद की इंतजामियां कमेटी मस्जिद को खुद ध्वस्त करेगी। जानकारी के मुताबिक मैरिज हॉल को जिला प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है और मस्जिद को इंतजामिया कमेटी खुद गिराएगी, अगर ऐसा नहीं होता तो फिर प्रशासन इसके बारे में कुछ और फैसला ले सकती है।
