PUNJAB : सब्जियों और फलों की कीमतों में उछाल, पंजाब में सभी सब्जियों के भाव बढ़े
चंडीगढ, 19 फरवरी : किसान आंदोलन और मौसम में बदलाव के चलते मंडियों में आवक घट रही है, जिसका असर सब्जियों और फलों की कीमतों में बढ़ोत्तरी के रूप में देखा जा रहा है. गाजर, टमाटर, पपीता, संतरा, आलू, अरबी समेत अन्य सब्जियों और फलों की कीमत में उछाल दर्ज किया गया है. आलू की थोक कीमत में करीब 3 रुपये प्रति किलो की तेजी आई है और इसमें और उछाल आने का अनुमान जताया गया है. दिल्ली एनसीआर की सब्जी और फल मंडियों के आढ़तियों और ट्रेडर्स ने कहा है कि आवक में कमी के चलते कीमतें प्रभावित हो रही हैं.
अपनी मांगों को लेकर आंदोलित किसानों की वजह से पंजाब-हरियाणा और दिल्ली की सीमाएं सील हैं, ऐसे में ट्रांसपोर्टेशन पर असर पड़ रहा है. इसकी वजह से सब्जी और फलों के ट्रांसपोर्टेशन पर भी असर पड़ा है, जिससे कुछ सब्जियां और फलों के दाम बढ़े हैं. जबकि, कुछ फल और सब्जियों मौसम की वजह से भी महंगी हो रही हैं. गाजियाबाद की साहिबाबाद फल एवं सब्जी मंडी के आढ़ती हाजी मोहम्मद युनुस ने बताया कि मौसम में गर्मी बढ़ने के चलते संतरे की आवक पर असर पड़ा है, जिससे थोक कीमत 5 रुपये प्रति किलो बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि संतरा की कीमत 50-70 रुपये है.
सब्जी मंडी में लगभग सभी सब्जियों के दामों में बढ़ौतरी देखी गई है। 80 रुपए किलो बिकने वाली भिंडी 120 रुपए किलो तक पहुंच गई है।
-60 रुपए किलो बिकने वाली शिमला मिर्च 100 रुपए किलो, 40 रुपए किलो बिकने वाला खीरा 60 रुपए, 30 रुपए किलो बिकने वाली मटर 50 रुपए किलो, 20 रुपए किलो बिकने वाली गोभी 40 रुपए, 7 रुपए किलो बिकने वाली गाजर 15 रुपए हो गई है। फेरी वाले तो और भी महंगी सब्जी बेच रहे हैं।
-30 रुपए किलो बिकने वाली हरी मिर्च 60 रुपए किलो, 80 रुपए किलो बिकने वाली अदरक 130 रुपए किलो, 300 रुपए किलो बिकने वाला लहसुन 400 रुपए किलो बिक रहा है।
-प्याज 25 से 35, आलू 5 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 10 रुपए प्रति किलो, कद्दू 10 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 30 रुपए प्रति किलो हो गया है।
