अलर्ट जारी उज बांध से रावी में छोड़े गए 2.50 लाख क्यूसेक पानी से माझे में खतरा बढ़ा, तीन जिलों में अलर्ट जारी
एक बार फिर धूसी बांध टूटने से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गयी
घग्गर में नई दरार, मालवा के कई गांवों में बाढ़
चंडीगढ़, 20 जुलाई,
जम्मू-कश्मीर के उज बांध से रावी में छोड़ा गया 2.50 लाख क्यूसेक पानी माझा के लिए खतरे की घंटी है। इसका असर पठानकोट, गुरदासपुर और अमृतसर के अलावा पाकिस्तानी पंजाब में भी देखने को मिलेगा. जिला प्रशासन ने माझे के तीनों जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है. निचले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए भी कहा गया है।
इसके साथ ही अमृतसर जिला प्रशासन देर रात तक रावी के आसपास सतर्क रहा. मंत्री कुलदीप धारीवाल, डीसी अमृतसर अमित तलवार और डीसी गुरदासपुर हिमांशु अग्रवाल ने व्यवस्था की और सेना के जवानों ने रावी के आसपास के इलाकों का दौरा किया.
इस बीच तरनतारन में ब्यास नदी पर बना धुसी बांध फिर टूट गया, जिसके टूटने से हजारों एकड़ में खड़ी फसल पानी में डूब गई.
इसके साथ ही घग्गर में नई दरार आ गई, जिससे मालवा के कुछ और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए. जानकारी के मुताबिक, रात करीब 11 बजे मालवा के सरदूलगढ़ से पहले भल्लांवाड़ा इलाके में दरार आ गई. यह दरार भल्लनवाड़ा के सरकारी स्कूल के पास हुई। जिसके बाद पानी तेजी से आसपास के गांवों में भरने लगा.
