फ्लाईदुबई हादसे के को-पायलट की पहचान उजागर, कट्टरपंथी विचारों के चलते ओमान एयर ने लगाया था बैन
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हुई है। कट्टरपंथी विचारों के कारण ‘ओमान एयर’ ने प्रतिबंध लगा रखा था।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर जानलेवा हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहामामी के रूप में हुई है।
अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, कथित चरमपंथी विचारों को लेकर पैदा हुई चिंताओं की वजह से अलहामामी को पहले ओमान में विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। इसके बाद उसने ओमान छोड़ दिया और अपना अधिकांश समय सीरिया में बिताया। आरोप है कि सीरिया में रहने के दौरान वह चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आया और फिर यूएई चला गया।
एक क्षेत्रीय राजनयिक सूत्र के हवाले से बताया गया कि प्रशिक्षण से हटाए जाने के बाद एयरलाइन ने उसे कोई दूसरा गैर-उड़ान कार्य सौंप दिया था।
जांच अधिकारियों को अलहामामी के निजी सामान से फ्री फिलिस्तीन से जुड़े पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिले हैं। वह लगातार सार्वजनिक और निजी तौर पर फिलिस्तीन के समर्थन में और इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था।
सुरक्षा एजेंसियां इस बात की विस्तृत जांच कर रही हैं कि क्या इस हमले के पीछे कोई सुनियोजित आतंकी साजिश या इस्लामिक कट्टरपंथ की भूमिका थी।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक ओमानी नागरिक को तेल अवीव जाने वाली उड़ान के चालक दल में शामिल होने की अनुमति कैसे मिली। ओमान और इजरायल के बीच कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं और ओमान इजरायल को आधिकारिक मान्यता भी नहीं देता।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, देश की प्रमुख खुफिया एजेंसियां शिन बेट, मोसाद, सेना और परिवहन मंत्रालय संयुक्त रूप से इस बड़ी सुरक्षा चूक की जांच कर रही हैं।
हमाम अलहामामी मूल रूप से ओमान का नागरिक है। उसका जन्म यूएई में हुआ था; उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई नागरिक हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उसके पास किसी अन्य देश की दोहरी नागरिकता नहीं है।
उसने फ्लाईदुबई के साथ केवल आठ महीने पहले ही काम शुरू किया था, जबकि इससे पहले वह मोरक्को की राष्ट्रीय एयरलाइन रॉयल एयर मारोक के लिए उड़ान भर चुका था।
सऊदी अरब के तबूक में विमान की आपात लैंडिंग के बाद उसे हिरासत में लेकर यूएई को सौंप दिया गया है, जहां वह आतंकवाद की धाराओं में जांच का सामना कर रहा है।
यह घटना 30 सितंबर को घटी जब फ्लाईदुबई का विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद अलहामामी ने मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर अचानक हिंसक हमला कर दिया, जिसे विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की आतंकी कोशिश माना जा रहा है।
इस संघर्ष के कारण विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा और महज दो मिनट के भीतर करीब 16,000 फीट नीचे गिर गया, जिसके बाद हाइजैकिंग का आपातकालीन डिस्ट्रेस सिग्नल भेजा गया।
गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मुकाबला करते हुए किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्रियों ने तुरंत अंदर घुसकर अलहामामी को दबोच लिया।
उसी उड़ान में सफर कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से विमान का नियंत्रण संभाला गया और उसे सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया, जिससे विमान में सवार सभी 180 लोगों की जान बच गई।
