अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मी कुछ देर के लिए असहाय हो गए और इसी का फायदा उठाकर दीपक थापा घर से निकलकर फरार हो गया।

घटना को लेकर चंडीगढ़ पुलिस और खन्ना पुलिस के बीच समन्वय का मुद्दा भी सामने आया है। मलोया थाना पुलिस के अनुसार, खन्ना सीआइए टीम ने आरोपित को चंडीगढ़ लाकर उसके घर में तलाशी और बरामदगी की कार्रवाई करने से पहले स्थानीय थाने को कोई सूचना नहीं दी थी।

आरोपित के फरार होने के बाद खन्ना पुलिस ने मलोया थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद खन्ना पुलिस की शिकायत के आधार पर दीपक थापा और उसकी मदद करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

दीपक थापा का आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस के लिए चिंता का विषय है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ चंडीगढ़ में पहले से एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या से संबंधित मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।

बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए कुछ नाइजीरियाई आरोपितों से जुड़े मामले में भी थापा की गिरफ्तारी हो चुकी है। हथियारों से संबंधित मामलों में भी उसका नाम सामने आया है। इसके अलावा खुड्डा लाहौरा क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी उसका नाम जांच के दौरान सामने आने की बात कही जा रही है।

कई संगीन मामलों में नाम सामने आने के कारण दीपक थापा के फरार होने को चंडीगढ़ पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों के साथ-साथ उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फरारी के बाद उसने किन लोगों की मदद ली।