बंदी सिंहों की रिहाई का मामला: कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का दिया आह्वान
चंडीगढ़। बंदी सिंहों की रिहाई की मांग कर रहे कौमी इंसाफ मोर्चा मोहाली की ओर से 21 अगस्त को शांतिपूर्ण ‘पंजाब बंद’ का आह्वान किया गया है। इसके तहत सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक यातायात, दुकानें और संस्थान बंद रखने की अपील की गई है। यह फैसला 15 अगस्त को चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण रोष मार्च को रोकने के लिए की गई कार्रवाई और मोर्चे के नेता तरुण जैन बावा समेत 9 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के विरोध में लिया गया है। मोहाली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोर्चे के नेताओं गुरदीप सिंह बठिंडा, पाल सिंह फ्रांस, सरजीत सिंह फूल, बलविंदर सिंह काला ने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर चंडीगढ़ प्रशासन ने पहले झूठी खबरें फैलाईं और फिर शांतिपूर्ण मार्च को विफल करने के लिए आंसू गैस के गोले तथा गंदे पानी की बौछारें कीं, जिसमें बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और पत्रकार घायल हुए। नेताओं ने निंदा करते हुए कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे सिखों को अपनी ही राजधानी में राज्यपाल तक अपनी आवाज पहुंचाने का अधिकार बैरिकेड लगाकर छीन लिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मोर्चे से जुड़ी पंथक पार्टियों, किसान-मजदूर संगठनों और अन्य पक्षों से अपील की गई कि वे पंजाबियों का साथ लेकर आपसी सहमति से इस बंद को सफल बनाएं। इसके साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा मोर्चे के नेता और वित्त समिति के सदस्य तरुण जैन बावा को उनके 8 साथियों समेत गिरफ्तार कर जेल भेजने की कड़ी निंदा की गई। मोर्चे ने उन पर लगाए गए आर्म्स एक्ट के कथित झूठे मुकदमे का गंभीर नोटिस लिया है, जिसमें प्रदर्शनकारियों की गाड़ियों से चार श्री साहिब बरामद होने का दावा किया गया है।
इस मौके पर गुरदीप सिंह बठिंडा, पाल सिंह फ्रांस, सरजीत सिंह फूल, बलविंदर सिंह काला झाड़ साहिब, गुरचरण सिंह पटियाला, गुरिंदर सिंह भंगू, जसकरण सिंह काहन सिंह वाला, पाल सिंह घड़ूंआ, समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
