बिना चर्चा के कोई फैसला नहीं: टेबल एजेंडे पूरी जानकारी के साथ लाए जाएं; 31 जुलाई को बिना चर्चा के पास हुए टेबल एजेंडे रद्द माने जाएं और सदन में दोबारा रखे जाएं – मेयर”
चंडीगढ़, 19 अगस्त 2026:
चंडीगढ़ के मेयर ने आज कहा कि 31 जुलाई 2026 को हुई जनरल हाउस की मीटिंग में बिना सही तरीके से चर्चा किए जो टेबल एजेंडे पास किए गए थे, उनके बारे में आज भाजपा कार्यालय कमलम में प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और अरुण सूद, प्रदेश महामंत्री (संगठन) मंत्री श्रीनिवासुल्लु, प्रदेश महामंत्री रणबीर भट्टी, पूर्व मेयर सुभाष चावला और भाजपा के सभी पार्षद मौजूद रहे।
मेयर ने कहा कि इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा पार्षदों की बैठक में और भाजपा चंडीगढ़ के कोर ग्रुप की बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था कि 31 जुलाई को बिना उचित चर्चा के पास किए गए टेबल एजेंडे मान्य नहीं हैं। इस बारे में नगर निगम आयुक्त को भी बता दिया गया था। इन सभी एजेंडों को अगली जनरल हाउस की मीटिंग में पूरी जानकारी के साथ दोबारा रखा जाना चाहिए।
मेयर ने कहा कि आज जारी की गई जनरल हाउस की मीटिंग की कार्यवाही में इन टेबल एजेंडों को अभी भी पास दिखाया गया है, जो बेहद आपत्तिजनक है।
उन्होंने कहा कि इन सभी एजेंडों को पूरी जानकारी के साथ दोबारा जनरल हाउस के सामने रखा जाए, ताकि पार्षदों को उन पर ठीक से चर्चा करने का मौका मिले। चर्चा के बाद जरूरत होने पर ही इन्हें पास किया जाए।
मेयर ने साफ किया कि भाजपा इन एजेंडों या विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ उस तरीके का विरोध कर रहे हैं, जिस तरीके से ये एजेंडे पास किए गए। हर एजेंडा पूरी जानकारी के साथ सदन में आना चाहिए। उस पर सदन के अंदर खुलकर चर्चा होनी चाहिए और उसके बाद ही उसे पास किया जाना चाहिए। नगर निगम को पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से चलाने के लिए यह बहुत जरूरी है।”
सौरभ जोशी
मेयर, चंडीगढ़
