थोड़ी देर में केंद्र और किसानों के बीच बैठक, क्या निकलेगा समाधान?
किसानों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच चौथे दौर की बैठक चंडीगढ़ में होगी. बैठक कुछ ही देर में चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में शुरू होगी. किसानों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं. जिसमें प्रदर्शनकारी किसानों की मुख्य मांगों को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई. आज चौथे दौर की बैठक में उम्मीद जताई जा रही है कि किसानों को केंद्र से कुछ सकारात्मक जवाब मिल सकता है.
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि सरकार को चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले हमारी मांगों का समाधान निकालना चाहिए. सरकार को ढिलाई की नीति से बचना चाहिए. किसान आंदोलन का समाधान सिर्फ दो बातें हैं. एक एमएसपी गारंटी कानून पर अध्यादेश जारी करना और दूसरा डाॅ. स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों पर अधिसूचना जारी।
अगर केंद्रीय मंत्री ने आज भी एमएसपी को लेकर कोई समाधान नहीं निकाला तो किसान दिल्ली पलायन की तैयारी तेज कर सकते हैं. अगर शाम की बैठक में कोई समाधान नहीं निकला तो पंजाब के शंभू, खानूरी और डबवाली बॉर्डर पर हालात बिगड़ सकते हैं.
चौथे दौर की बैठक में केंद्र की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद रॉय भाग लेंगे, जबकि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने ‘बैठक का आह्वान किया है. दिल्ली चलो’. इस मार्च में किसान दल हिस्सा लेंगे और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं के साथ कई किसान नेता भी शामिल होंगे.
इस बीच रविवार को कुरूक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के तट पर हुई किसान संगठनों की बैठक में फैसला लिया गया कि हरियाणा के सभी संगठन एक मंच पर जुटेंगे और अपनी लड़ाई लड़ेंगे. किसान नेता गुरनाम चादुनी ने महापंचायत के बाद कहा कि सरकार से बातचीत होने तक हम आज शाम तक इंतजार करेंगे. इसके अलावा दिल्ली की खाप पंचायतों और किसान संगठनों से भी बातचीत की जाएगी.
